स्वदेशी एवं विकसित भारत 2047

Authors

  • डॉ. ओमना सेनानी Author

Abstract

आज के दौर में विकसित भारत का सपना तभी सफल हो सकता है जब स्वदेशी उद्योगों के साथदृसाथ नई तकनीकों का उपयोग किया जाए। विकसित देशों की उन्नत तकनीक से प्रेरणा लेकर गुणवत्ता पूर्ण और आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग कर भारत को प्रगति के शिखर पर लाया जा सकता है। भारत 2047 का सपना हमारे राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है यह वह वर्ष होगा जब हमारा देश अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा और विकास के सभी आयाम नई ऊँचाइयों को छू रहे होंगे। यह दृष्टि केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और पर्यावरणीय संतुलन भी शामिल है।
भारत को 2047 तक एक प्रगतिशील एवं शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, प्रौद्योगिकी और रोजगार के समान अवसर उपलब्ध हों। डिजिटल क्रांति और तकनीकी उन्नति देश को आत्मनिर्भर बनाएगी, साथ ही स्वदेशी उद्योग भी मजबूत होंगे। स्वदेशी उद्योग न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को रोजगार उपलब्ध कराते हैं तथा स्वावलंबन एवं आर्थिक स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करते हैं।
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वदेशी को शिक्षा, विचारों और जीवन-पद्धति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनमानस में घर कर चुके विदेशी विचारों को मिटाकर स्वदेशी को अपनाया जाए। त्योहारों और दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग तथा तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाना विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है।

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Author Biography

  • डॉ. ओमना सेनानी

    सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालयए देवरी जिला दृ सागर (मध्य प्रदेश)

Published

2026-02-16

How to Cite

स्वदेशी एवं विकसित भारत 2047. (2026). World View Research Bulletin An International Multidisciplinary Research Journal, 1(3). https://wrb.education/index.php/wrb/article/view/60